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You’ll find positive, Motivational thoughts... In poetry few are written by Me n others too & Some r Translated also. I feel that thoughts heighten the awareness of our feelings & world around us.

बावरा मन् ...

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12 comments:

रश्मि प्रभा... said...

बावरे मन की भाषा कोई बावरा ही समझेगा,
कहीं तो होगा वो बावरा...........
दिल को सुकून मिला पढ़कर.....

M.L.S. said...

Babray man ki kalpna ki udan ka bahut hi mamik chitran hai.Hakikat me man babla hai.Background is so nice.

MERI GHAZAL said...

So Sweet..........

vijaymaudgill said...

सच में मन तो है बांवरा

पहली बार आपको पढ़ा बहुत ही अच्छा लगा।

Parul said...

bahot hi nazook prashna hai ye to


man bawara isko samzne wala pana

apne aap mhi mil jata hai achnak............... koi firbi man rehta hai bawara.....

sunder manko chhulene wala

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

PREETI JI KAVITA TO AAPKI ACHHI HI HOGI, PARANTU PADHANE MEN NAHI AA RAHI HAI.

श्यामल सुमन said...

पढ़ना बिल्कुल है कठिन कुछ तो करें सुधार।
कुछ कहता पर क्या कहूँ पढ़ने से लाचार।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

नारदमुनि said...

narayan narayan

दिगम्बर नासवा said...

अच्छी रचना है
स्वागत है आपका ब्लॉग जगत में

Jyotsna Pandey said...

मन बावरा जाने हुआ क्यों ?
अनमने एहसास को जाने छुआ क्यों ?

बावरों की भाषा बावरे ही जाने .......
और न जाने कोई .....

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

अनोखे भाव लिए हुए,
खूबसूरत अभिव्यक्ति।
बधाई।