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You’ll find positive, Motivational thoughts... In poetry few are written by Me n others too & Some r Translated also. I feel that thoughts heighten the awareness of our feelings & world around us.

कैसे चुकाउंगी ...?

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14 comments:

kavita rathi said...

bade hi pyare...ahsas ...
bahot sundar...

M VERMA said...

बहुत ही संवेदनशील है आपके विचार और आपकी रचना. और उतनी ही खूबसूरती से आपने पोस्ट भी किया है.
बहुत सुन्दर

रश्मि प्रभा... said...

यशोदा का,राधा का प्यार ऋण नहीं था....कृष्ण या कर्ण क्या चुकाते,सिवा मान के क्या देते!
बहुत ही गहन रिश्ते की मिठास है इसमें....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

रिश्तों को बन्धन का बोध कराती,
खूबसूरत कविता के लिए बधाई।

दिगम्बर नासवा said...

सच है........... कई ऋण ऐसे हैं जो chukaaye नहीं जा सकते........... लाजवाब लिखा है

BE WITH TRUTH said...

kya bat hai preti jee, itna deeply words app ne papar par dal diyee,

very nice

નીતા કોટેચા said...

ha vo to hai hamara rishta ...tab to ham mile yaha..
bahot badhiya likha hai ji

कुलदीप "अंजुम" said...

wahhh kuch rishte anmol hote hain
bhaopurn chitran
bahut achhi kavita

अनिल कान्त : said...

बहुत खूबसूरत रचना

संत शर्मा said...

सुन्दर भावाभिव्यक्ति

niv said...

khubsurat

Mukesh Kumar Sinha said...

rishte ki mithas ke baare main aapse sikh leni paregi.......:)

bahut sundar!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर भावभरी कविता है।
बधाई!

Momin said...

Wah
Mohatarma kya bat hai